क्या स्पष्ट करना है
कार्य है प्रस्तावित संस्थागत बदलावों की व्यक्त विषयवस्तु जाँचना और देखी गई विशेषताओं को उनकी व्याख्या से अलग रखना। मूल्यांकन में प्रत्येक वस्तु की उपयुक्तता तथा प्रस्तावित निष्कर्ष के आधारों की जाँच संभव होने का ध्यान रखा जाता है।
कौन-सी सामग्री तैयार करें
- क्रियान्वयन खंडों सहित पूरा कार्यक्रम
- प्रस्तावित संस्थागत संरचना का स्पष्टीकरण
- प्रस्तावों की विवादित व्याख्या वाली सामग्री
किन बातों की तुलना करें
संस्थाएँ, प्रस्तावित कार्य, प्रतिभागी और लागू करने की प्रक्रिया पहचानी जाती हैं; कार्यक्रम के लक्ष्य और साधन मिलाकर अधिकार बदलना तथा संस्था हटाना अलग किए जाते हैं। प्रत्येक महत्वपूर्ण विशेषता को सामग्री के किसी विशिष्ट अंश से जोड़ा जाता है। समानताओं और अंतरों का संयुक्त मूल्यांकन करते समय वैकल्पिक व्याख्याएँ और इस्तेमाल की गई विधि की सीमाएँ जाँची जाती हैं।
विश्लेषण का संभावित परिणाम
संभावित परिणाम है प्रस्तावित संस्थागत बदलावों का मानचित्र, जिसमें सत्यापन योग्य उदाहरण और मूल्यांकन के आधार दिए जाएँ। अनसुलझे प्रश्न और आवश्यक अतिरिक्त परीक्षण अलग बताए जाते हैं; उत्तर मिलने का पहले से वादा नहीं किया जाता।
निष्कर्षों की सीमाएँ
कार्यक्रम का विश्लेषण रचयिताओं के छिपे इरादे सिद्ध नहीं करता। निष्कर्ष केवल जाँची गई वस्तुओं और बताई गई परिस्थितियों तक सीमित है; पर्याप्त विशेषताएँ न होने पर संबंधित प्रश्न का समाधान असंभव होने की बात स्पष्ट करनी होगी।